लगता है अपनों ने फंदा पिरोया होगा

Ashish Tiwari

रचनाकार- Ashish Tiwari

विधा- तेवरी

मरने से पहले वो कितना रोया होगा !
पाकर सबकुछ फिर उसने खोया होगा !!

बेवजह ऐसे कोई नहीं मरता यारों ,
जरूर जिंदगी में जहर बोया होगा !!

बहुत दिनों से सोया नहीं था शायद
आज सचमुच चैन से सोया होगा !!

हँसता हसाता मदत भी करता था ,
मर गया ज्यादा भार ढोया होगा !!

साथ रहने खाने हँसने की आदत थी,
अकेला आँसुओं से बदन भिगोया होगा !!

मरता ना अपनों का प्यार मिला होता जुगनू ,
लगता है अपनों ने फंदा पिरोया होगा !!

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Ashish Tiwari
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