रूठ कर यूँ हमें मत सताया करो

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

रूठ कर यूँ हमें मत सताया करो
प्यार हैं हम हमें तुम मनाया करो

ये सुना है बड़े कामकाजी हो तुम
आँसुओं की भी कीमत लगाया करो

जी रहे हैं यहाँ बस तुम्हें देखकर
रुख से पर्दा कभी तो हटाया करो

तुम अँधेरे मिटाने हमारे लिये
चाँद पूनम का बन जगमगाया करो

साथ बेटों के भी अब सुनो साथियों
बेटियाँ खूब अपनी पढ़ाया करो

जब भुला तुमने हमको दिया 'अर्चना'
ख्वाब में भी हमारे न आया करो
डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
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8 comments
  1. तुम अँधेरे मिटाने हमारे लिये
    चाँद पूनम का बन जगमगाया करो …….. बहुत खूब