रिश्ता माँ बेटी का

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- कविता

खुद माँ बन कर जाना
माँ होने का अहसास
माँ और ज्यादा तुझसे
मेरा रिश्ता हुआ खास

माँ अपने दिल की ख़ुशी
कैसे बयां करू आज
पंख मिल गए मुझे जैसे
और उड़ने को पूरा आकाश

सोती नहीं जब मैं रातों में
आँख भर आती ये सोचकर
मेरे लिए तू भी ऐसे ही
जागी होगी रात रात भर

तडप जाती हूँ जब मै
इसकी जरा सी पीड़ा पर
सोच पाती हूँ तड़पी होगी
तू भी यूँ अश्रु भर कर

जब जब जिस जिस
अहसास को जीती हूँ
माँ तेरे और भी ज्यादा
मै करीब होती हूँ

तेरे हर त्याग को अब
और जान सकी हूँ
क्या होती है माँ ये
और पहचान सकी हूँ

एक माँ बच्चे को अपने
ही खून से सींचती है
बड़ी तपस्या से उसको
वो पालती पोसती है

उसके लिए जीती है
उसके लिए हंसती है
उसके लिए गाती है
उसके लिए रोती है

अब जान सकी
क्यों कहते है बेटी
माँ बाप के ज्यादा
करीब होती है

-डॉ अर्चना गुप्ता

Views 29
Sponsored
Author
Dr Archana Gupta
Posts 231
Total Views 14.1k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia