राह

रवि रंजन गोस्वामी

रचनाकार- रवि रंजन गोस्वामी

विधा- शेर

जाने किस राह जाते हैं वो,
राह में मिलते नहीं हैं वो ।

मुझे उनकी जरूरत क्यों
जिन्हें मेरी तलब न हो ।

जुनूने सफर में सोचा न था ,
मेरी राह में कोई कारवां न हो ।

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