राही

रोहित शर्मा

रचनाकार- रोहित शर्मा "राही"

विधा- अन्य

ए आसमा जरा सोच के बरसना।।
बड़ी मुद्दत से मिला है 'राही' बरसो बाद।

हमारी अहमियत का अंदाजा
तुम क्या लगाओगे 'राही'।
जब जरुरत पड़े तो ,
दिल का दरवाजा खटखटा लेना।।

परायापन का अहसास इस कदर करा दिया।
अपना घर होकर भी जिंदगी ने 'राही' बना दिया।।

रास्ते कठिन थे घर दूर था,
हाथ खाली थे तन चूर था।
ज़िन्दगी ने ऐसा इम्तिहान लिया,
'राही' बना दिया जिंदगी के सफ़र में।।

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रोहित शर्मा
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जन्म - 12 अक्टूबर, रायपुर, छत्तीसगढ़ जिंदगी आनंद से जीने पर विश्वास । जिंदगी काटने वालो से दूर रहना पसंद है। लोगो की परेशानिया दूर करना सबसे अच्छा लगता है। लिखना है ये सोच कर नहीं लिखता। लिखने के बाद ही सोचता हु की क्या लिख दिया। मन के भाव कलमबद्ध हो जाते है बस और कुछ नहीं मैं कोई लेखक नहीं हु।

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