राष्ट्र – वन्दना

Dr. umesh chandra srivastava

रचनाकार- Dr. umesh chandra srivastava

विधा- गीत

हे!वन्दनीया हे!वत्सलाय
नमामि भारत वसुन्धराय
प्रसून पुष्पित सुवास मलयज
हिलोर सागर सुदर्शनाय
अगम्य गगनम् सुरम्य सरिता
निनाद कल-कल हिममंडिताय
अरण्य कलरव आरुण्य अञ्चल
प्रफ्फुल्ल जीवन सनातनाय
अनूप सुष्मित ललाम सन्ध्या
सुगीत विदिशा सुमंगलाय
स्वदेश कण-कण प्रभाष चित्रण
अनन्त रूपा मनोहराय
अनन्य भाषी विभिन्न धर्मा
समस्त वसुधा कुटुम्बकाय
नमो नमस्ते नमो नमस्ते
सत्यम् शिवम् हे! सुन्दराय
हे! पुण्य भूमे हे! कर्म भूमे
जय जन्म भूमेःः विश्वम्भराय

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Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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