राम रहीम

guru saxena

रचनाकार- guru saxena

विधा- घनाक्षरी

बाबा राम रहीम
(घनाक्षरी छंद समान भाव)

राम व रहीम में नहीं है कुछ फर्क यारो,
दोनों की हैं नीतियां समाज खुशहाल की।
राम करें जैसा वैसा वैसा ही रहीम करें,
राम व रहीम की जोड़ी है सुर ताल की।
राम व रहीम मिलकर एक नाम बना,
फिर भी अभिन्नता दिखाई है कमाल की।
जज ने भी बिना किसी भेदभाव पाले हुए,
दोनों को सुनाई सजा दस दस साल की।

गुरू सक्सेना नर सिंहपुर (मध्य प्रदेश)

Sponsored
Views 9
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
guru saxena
Posts 32
Total Views 279

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia