राज दिल में हमें ये छुपाना पड़ा

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

राज दिल में हमें ये छुपाना पड़ा
याद को आशियाना बनाना पड़ा

ठोकरें खूब मिलती रहीं राह में
बोझ उनका हमें खुद उठाना पड़ा

अश्क पी -पी के हम जी रहे हैं यहाँ
उनकी खातिर हमें मुस्कुराना पड़ा

जब नज़र से उन्होंने निवेदन किया
गीत फिर प्यार का इक सुनाना पड़ा

रोज सपनों में आने का वादा किया
रात क्या दिन में खुद को सुलाना पड़ा

अर्चना इस जुदाई को सहना कठिन
उनको झूठी खबर से बुलाना पड़ा

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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