राजपथ पर चमका वैभव

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

राजपथ पर चमका वैभव
उसका मान सजाना है ,
भारत के बढ़ते कदमों को
हमको और बढ़ाना है ।
शाहीपथ पर बढ़ी परेड की
शान अजब निराली थी ,
देख झलक गतिमय भारत की
प्रकृति भी मतवाली थी ।
विमान 'तेजस' ने तेज दिखाया
तोप 'धनुष' की दिखी धमक ,
सभी प्रदेशों ने की प्रगति है
झांकियों में दिखी यही झलक।
सेना की बढ़ती क्षमता से
दुश्मन भी काँप उठे होंगे ,
सीमा सुरक्षा बल के दस्ते से
घुसपैठिये भी बहुत डरे होंगे ।
विद्यार्थियों ने अपने हुनर के
बिखराये अनेक मोहक रंग ,
इस परेड का हिस्सा बनकर
खुश था उनका अंग प्रत्यंग ।
धरती से अंबर तक वैभव के
चप्पे चप्पे पर पहरा था,
बड़ी शान से राजपथ पर
ध्वज राष्ट्र का फहरा था ।
विदेशों में भी अब इमारतें
तिरंगे में रंग जाती हैं ,
ऐसा सुंदर वैभव भारत का
सुन धरती भी हर्षाती है ।

डॉ रीता
आया नगर , नई दिल्ली ।

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .

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