राजनीति का गिरता स्तर

विजय कुमार अग्रवाल

रचनाकार- विजय कुमार अग्रवाल

विधा- मुक्तक

राजनीति का स्तर देखो गिरने की कोई लिमिट नहीँ है ।
एक सिपाही मरा सड़क पर ड्रामा करना हमे यहीं है
हमसे बड़ा हितैषी उसका आज देश में कोई नहीँ है ।
क्या कानून नियम कोई टूटे मुझको इसकी फिकर नहीँ है ॥
ओ आर ओ पी क्या है देखो इसकी मुझको ख़बर नहीँ है ।
मै हूँ नेता राजनीति करना मेरा तो बस धर्म यहीं है ॥

विजय बिज़नोरी

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विजय कुमार अग्रवाल
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मै पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर का निवासी हूँ ।अौर आजकल भारतीय खेल प्राधिकरण के पश्चिमी केन्द्र गांधीनगर में कार्यरत हूँ ।पढ़ना मेरा शौक है और अब लिखना एक प्रयास है ।

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