रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने
राज अपना भी चलाया है बहुत दिन हमने

जश्न खुशियों का मना लेने दो कुछ पल हमको
गम भरा बोझ उठाया है बहुत दिन हमने

जख्म भी बन गया नासूर हमारे दिल का
इसको चुपचाप दबाया है बहुत दिन हमने

हार स्वीकार करें कैसे बताओ हमको
आस का दीप जलाया है बहुत दिन हमने

रेत सा फिसला ये हाथों से तभी समझे हम
वक़्त बेकार गँवाया है बहुत दिन हमने

आज उखड़े हैं कदम 'अर्चना' तो क्या गम है
आसमाँ सर पे उठाया है बहुत दिन हमने

डॉ अर्चना गुप्ता
09-05-2017

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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