योग (योग दिवस पर)

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

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नित्य उठ करे प्राणायाम व योग,
शरीर रहेगा सदा स्वस्थ निरोग।
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योग प्रकृति से जुड़ी सुन्दर विद्या,
बढ़ाता बौद्धिक,शारीरिक क्षमता।
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योग सर्वोच्च ब्रह्माण्डमय सिद्धांत,
योग से होता हर बिमारी का अंत।
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चेतना से योग का गहरा जुड़ाव,
योग से दूर होता हर एक तनाव।
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योग, मुद्रा, प्रणायाम, साधना, ध्यान,
मन आत्मा को अनंत क्षमता प्रदान।
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योग आत्मबल,बुद्धि,शक्ति बढ़ाता।
मन सुदृढ़ और सुख-संतुष्टि लाता।
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योग विज्ञान एक प्रमाणित तथ्य,
अपना लो मानव जीवन में नित्य।
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योग में है सब रोगों का उपचार,
दिनचर्या में अपनाओ लगातार।
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नित्य नियम से सुबह और शाम,
योग करो छोड़कर के सभी काम।
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योग मिटाता माँसपेशियों की थकान,
दे तन-मन में ताजगी चेहरे पे मुस्कान।
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योग जीवन का लाभदायक पूँजी,
रोग मुक्ति की एक सफल कुंजी।
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योग रखेगा तुम्हें डाॅक्टर से दूर,
बढे चेहरे की चमक व उम्र भरपूर।
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योग एक बहुत ही बढ़िया इलाज,
इसमें छुपा स्वस्थ जीवन का राज।
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स्वास्थ्य बिना जीवन में सब शून्य,
योग करने में नहीं लगता कोई मूल्य।
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योग का होता एक पवित्र प्रभाव,
योग से तुम सदैव रखना लगाव।
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यदि है सुखमय जीवन की चाहत,
तो डाल लो नित्य योग की आदत।
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योग बहुत है फायदेमंद,
बिना खर्चा पाये आनंद।
🌹🌹🌹🌹–लक्ष्मी सिंह💓☺

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लक्ष्मी सिंह
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