*** ये दिल ***

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- हाइकु

ये
दिल
भी
उन्ही
को
धोखा
देता
आया
है
जो
दिल
लगाते
हैं
वरना
दिमाग़
लगाने
वाले
तो
कभी
प्यार
ही
नहीं
किया
करते
हैं ।।

👍मधुप बैरागी
कोई
भी
अमीर
पैसो
से
नहीं
हुआ
करता
दिल
से
आमिर
जो हैं
वो
कभी
गरीब
नहीं
हुआ
करते
👍मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

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