” ये आँसू के धारे हैं ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

रचनाकार- भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

विधा- गीत

दर्द है जगा कहीं ,
आंखों में नमी नमी !
यादों के जंगल में ,
कांटों की कमीं नहीं !
कभी छुअन , बनी तड़पन –
हम आँसूं भी वारे हैं !!

दूर तक है खामोशी ,
आस है बुझी बुझी !
प्यार की पहेलियां भी ,
क्यों रही सदा उलझी !
रहे मगन , किये जतन –
ये आँसूं भी हारे हैं !!

खुशी तो है कपूर सी ,
कभी हुई है कैद भी !
जो मिली हैं मुस्कानें ,
कर गई वे भी ठगी !
कभी हार है मनुहार है –
ये आँसूं तो प्यारे हैं !!

मस्त ये धरा गगन ,
झूमता था मन मगन !
स्मृतियों के फेर में ,
यथार्थ का आलिंगन !
कभी सबब है , प्रेरणा है –
ये आँसूं तो न्यारे हैं !!

बृज व्यास

Sponsored
Views 218
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
भगवती प्रसाद व्यास
Posts 125
Total Views 28.6k
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia