“युवा प्रेरणा”

Prashant Sharma

रचनाकार- Prashant Sharma

विधा- गीत

हे युवा जाग कुछ करके दिखा दे
कर्म ऐसा कर सारे जग को हिला दे
मातृभूमि की आन बनो तुम
देश का स्वाभिमान बनो तुम
साहस और सम्मान बनो तुम
दोस्ती की शान बनो तुम कोई चले पदचिन्ह पर तू पदचिन्ह बना दे। हे युवा जाग कुछ करके दिखा दे
कर्म ऐसा कर सारे जग को हिला दे।

संस्कृति की शान बनो तुम
देश का सम्मान बनो तुम
विश्व की पहचान बनो तुम
राष्ट्र का गान बनो तुम
भारत का सौभाग्य बनो तुम
घर घर का भाग्य बनो तुम
मार्ग ऐसा चुन जो मिसाल बना दे।
हे युवा जाग कुछ करके दिखा दे
कर्म ऐसा कर सारे जग को हिला दे

प्रगति की चाल बनो तुम
हिमालय का भाल बनो तुम
देश के पहरेदार बनो तुम
राष्ट्र के करतार बनो तुम
गरीबों के हमदर्द बनो तुम
नारी रक्षक मर्द बनो तुम
गीत ऐसा गा की सारे जग को हिला दे ।
हे युवा जाग कुछ करके दिखा दे
कर्म ऐसा कर सारे जग को हिला ।

ज्ञानियों का ज्ञान बनो तुम
सत्य की पहचान बनो तुम
धर्म और ईमान बनो तुम
कर्मपथ की राह बनो तुम
विजय का स्वरनाद बनो तुम
प्रेरणा की आवाज बनो तुम।
शिक्षा के दीपक को चहू और जला दे।
हे युवा जाग कुछ करके दिखा दे
कर्म ऐसा कर सारे जग को हिला दे।

प्रशांत शर्मा "सरल"
नेहरू वार्ड नरसिंहपुर
मोबाइल नंबर9009594797

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