याद इक किस्सा पुराना आ गया

kamni Gupta

रचनाकार- kamni Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

याद इक किस्सा पुराना आ गया।
सामने बीता ज़माना आ गया।

अब न कोई देख उनको पाएगा
आँसुओं को मनाना आ गया।

जीतने का था हुनर उसको पता
यूं उसे हमको सताना आ गया।

क्यों समझ पाया न दिल की बात यह
अब समय संग बस भुलाना आ गया।

ज़ख्म हैं गहरे बहुत ही यह अभी
हौंसलों से खुद सजाना आ गया।।।
कामनी गुप्ता ***

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kamni Gupta
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I am kamni gupta from jammu . writing is my hobby. Sanjha sangreh.... Sahodri sopan-2 Deepshikha Satyam prabhat Mehkte lafz.

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7 comments
  1. बहुत ही मार्मिक अभिव्यक्ति, हृदयस्पर्शी,मन आह्वालित हो गया।
    कोटि कोटि धन्यवाद!

  2. बहुत खूब , शब्दों की जीवंत भावनाएं… सुन्दर चित्रांकन