यादों के झोकें

Raj Vig

रचनाकार- Raj Vig

विधा- कविता

यादों के तेरे जब
झोकें चले आते हैं
सांसों मे तेरी महकों के
गुलाब चले आते हैं ।

ख्वाबों मे गुजरे हुए
हसीन वो पल चले आते हैं
उठती हुई दिल की तंरगों मे
तरन्नुम के सुर चले आते हैं ।

जीने को उन पलो को दोबारा
मचले हुए अरमान चले आते हैं
जन्म जन्म तुझे पाने को
मधुर मधुर अहसास चले आते हैं ।

तन्हा अंधेरी रातों मे
तेरे साये चले आते हैं
भूल न जाऊं तुझे इक पल को
जताने तेरा प्यार चले आते हैं ।

राज विग

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