मैं कविता करूँ, तू हँसता रह…

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹🌹🌹🌹
मैं कविता करूँ
तू हँसता रह…..
🌹
मेरी कोई भी
गलती पर बेझिझक
तू टोकता रह….
🌹
मुद्तों से बैठकर
मुझ में मुझे
तू सुनता रह….
🌹
रूठ जाऊँ जो
कभी तो मुझे
तू मनाता रह….
🌹
थामकर हाथ मेरा
कदम – से – कदम
तू मिलाता चल….
🌹
तेरे शिवाय कोई
मेरा अपना नहीं
साथ देना मेरा
तू जिन्दगी भर…..
🌹
छोड़ कर अकेला
ना जायेगा कभी
बस मुझसे इतना
तू वादा कर…….
🌹🌹🌹🌹—लक्ष्मी सिंह💓😊

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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