” ———————————————मैंने कहा दुआ आई ” !!

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- गज़ल/गीतिका

माँ के पोपले, मुंह से यों हवा आई /
लोग हँसते रहे,मैंने कहा दुआ आई //

कच्ची दीवारें थी ,अब इमारत है खड़ी /
माँ की मेहनत , क्या अजब रंग लाई //

धोंकनी ,धुआं ,थी माथे पे सिलवटें /
माँ जवानी में ही ,बुढ़ापा उठा लाई //

मुश्किलें थीं , तंग राहें , छोर न था /
माँ के होंसले थे , हमने मंजिल पाई //

मैला आँचल , माँ की गोद का असर था /
करवट बदल कर ज़िन्दगी, खुशियाँ लाई //

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Bhagwati prasad Vyas
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एम काम एल एल बी! स्वतंत्र लेखन ! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी आदि पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! कवि सम्मेलनों में रचना पाठ ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत आदि साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद आदि साझा काव्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य !
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