मेरे साजन तू जल्दी आ

दुष्यंत कुमार पटेल

रचनाकार- दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

विधा- कविता

तू कहाँ है पास आ,
उजड़ी दुनिया को मेरे बसा.
इस तड़पती हुई ज़िन्दगी को,
तू न दे और सजा.

सुन दिल की आवाज़,
कही भी है लौट आ …….
मेरी ज़िन्दगी सकून तू है,
भला कैसे भुलु तुझे बता.

मुझे याद आती है हरपल,
तेरे साथ बिताये हर लम्हा.
ज़िन्दगी रुकी सी है,
मेरे साजन तू जल्दी आ.

ज़ी रही हूँ मर-मर के.
आके मिल,कर इतनी मेहरबाँ,
तेरे प्यार के बाँवरी हूँ
तेरे यादो में हूँ ज़िंदा..

हम बन गये है रेगिस्तान,
वो सावन बावरा तू आ.
तेरे प्यार के बारिश में,
मेरे तन-मन को भीगा.

तेरे वफ़ा में हूँ रमा,
तू न दे और सजा.
पुकार रही है राधा तेरी,
मेरे साजन तू जल्दी आ …

कोई गुनाह की है तो,
बेशक देना जरूर मुझे सजा.
कम से कम इसी बहाने तो,
मुझे तेरे कभी पास बुला.

Sponsored
Views 45
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
दुष्यंत कुमार पटेल
Posts 100
Total Views 6.8k
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia