मेरे शुभचिंतक

Sumita R Mundhra

रचनाकार- Sumita R Mundhra

विधा- कविता

सौ . सुमिता राजकुमार मूंधड़ा
Sumitamundhra@gmail.com

मेरे शुभचिंतक

मेरा जीवन का हर लम्हा बड़ा ही पारदर्शी है ,
और मेरे प्यारे शुभचिंतक बहुत ही दूरदर्शी है ।।
मेरे जीवन के लिए अनुमान वो लगाते रहते हैं ।
मेरे बिन मांगे ही सलाहें अपनी थमाते रहते हैं ।।
मेरे सम्मुख तो मुझ पर वो दिलोजान लगाते हैं ।
और मेरी पीठ पीछे मुझ पर वो तीर चलाते हैं ।।
सौ . सुमिता राजकुमार मूंधड़ा
Sumitamundhra@gmail.com

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Sumita R Mundhra
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मैं लेखिका या कवियत्री नहीं हूँ । बचपन से ही शौक से लिखती हूँ । लंबे अंतराल के बाद हमसफ़र राज और पुत्र रिषभ के प्रेरित करने पर मेरी कलम फिर से शब्दों को पिरोने लगी है । प्रोत्साहन मिलता है तो ओर अच्छा लिखने की कोशिश करती हूँ । सामाजिक पत्रिकाओं में लेख और कवितायें प्रकाशित होते हैं। धन्यवाद - सौ. सुमिता राजकुमार मूंधड़ा । sumitamundhra@gmail.com FB group :- मेरी कलम से - Sumita R Mundhra

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