“मेरी सम्पत्ति ,विचारों की सम्पत्ति”

Ritu Asooja

रचनाकार- Ritu Asooja

विधा- दोहे

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💐"हमारे विचार हमारी संपत्ति हैं क्यों इन पर नकारात्मक विचारों का दीमक लगाए चलो कुछ अच्छा सोंचे कुछ अच्छा करें "।💐

👍मेरा मुझ पर विश्वास जरूरी है ,
मेरे हाथों की लकीरों में मेरी तकदीर
सुनहरी है ।👍

☺ यूँ ही बेवज़ह भी मुस्कराया करो ,
माहौल को खुशनुमा भी बनाया करो ।☺☺

💐अपने लिये तो सभी जीते हैं,
 पर जीवन वह सफल है ,जो औरो 
के जीने के लिए भी जिया जाये ।"💐

💐मौन की भाषा जो समझ
जाते है।वो ख़ास होते हैं ।
क्योंकि ?
खामोशियों में ही अक्सर
गहरे राज होते है ।
जुबाँ से ज्यादा मौन की भाषा
मे कशिश होती है ।💐☺

💐अगर विचार हो खूबसूरत तो सब खूबसूरत नज़र आता है वो पत्थर ही थे जिन्हें कारीगरों की खूबसूरत सोच ने ताजमहल जैसी बेमिसाल ईमारत बना दिया ।💐

💐 "उजाले मे सब इस क़दर व्यस्त थे कि
ज्योति के उजाले का कारण किसी ने नहीं
जानना चाहा, तभी ज्योति की आह से निकला
दर्द सरेआम हो गया , आँखों से अश्रु बहने लगे
काले धुयें ने हवाओं में अपना घर कर लिया
जब तक उजाला था सब खुश थे धुआँ हुआ तो सब उसे कोसने लगे "

☺☺बच्चे थे तो सच्चे थे , माना की अक्ल से कच्चे थे ,फिर भी
बहुत ही अच्छे थे , भोलेपन से जीते थे फरेब न किसी से करते थे
तितलियों संग बातें करते थे , चाँद सितारोँ में ऊँची उड़ाने भरते थे
प्रेम की मीठी भाषा से सबको मोहित करते थे ।
बच्चे थे तो अच्छे थे ।☺☺

💐कौन सुनता है सुनाने से किसी के दिल का हाल
हर कोई यूं ही सर हिला देता है
अपने आप से जायदा अपना और कोई अच्छा
मित्र नहीं फिर क्यों न स्वयं को ही स्वयं का मित्र बना लें ।💐

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Ritu Asooja
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जिस तरह समुंदर में लहरों का आना जाना लगा रहता है, इसी तरह मन मन्दिर भी विचारों का आना जाना जाना लगा रहता है , अपने विचारों को सही दिशा देकर परमात्मा की प्रेरणा से कुछ मनोरंजक, प्रेरणादायक लिखने की कोशिश करते रहतीहूँ जिससे मेरा और समाज का सही मार्गदर्शन होता रहे। "जीते तो सभी हैं,पर मनुष्य जीवन वह सफल है ,जो किसी के काम आ सके "💐💐💐💐💐

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