मेरी लेखनी कुछ तो बोल

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- अन्य

मेरी लेखनी कभी क़िसी दिन
चुपके से सबसे बचकरके
मेरे मन की गांठे खोल
मन की बातें खुलकर बोल
मानव होकर जन्म लिया है
अपने मन का कर्म किया है
बेबस होकर यूं मत डोल
सही सही सच कह दे बोल

Sponsored
Views 10
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Vindhya Prakash Mishra
Posts 110
Total Views 3.1k
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia