** मेरी बेटी **

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- कविता

मिश्री की डली है मेरी बेटी ,
नाजों से पली है मेरी बेटी ।
हर गम से दूर है मेरी बेटी ,
पापा की परी है मेरी बेटी ।।

महकती खुशबू सी मेरी बेटी ,
चहकती चिड़ियाँ सी मेरी बेटी ।
मेरे घर की शान है मेरी बेटी ,
है सबकी लाड़ली मेरी बेटी ।।

गंगा सी पावन है मेरी बेटी ,
बहती सरिता सी है मेरी बेटी ।
चँदा सी शीतल है मेरी बेटी ,
मेरी जिंदगानी है मेरी बेटी ।।

परियों सी हूर है मेरी बेटी ,
कीमती कोहिनूर है मेरी बेटी ।
हर जद से दूर है मेरी बेटी ,
मेरा गुरुर है मेरी बेटी ।।

कोमल है कमजोर नहीं ,
मेरी मुस्कान है मेरी बेटी ।
बेटे से कम नहीं मेरी बेटी ,
मेरी जान है मेरी बेटी ।।

मेरी बेटी, हाँ मेरी बेटी !

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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