मेरी बेटी है, मेरा वारिस।

Top 30 Post

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹🌹🌹🌹🌹🌹

क्यों?
वारिस वारिस करते हो,
बेटा ही क्यों वारिस है?
मैंने बेटी को जन्म दिया,
क्या मेरा घर लावारिस है?
क्यों?
सोच है ऐसी दुनिया की,
निरवंश मेरा क्यों नाम दिया?
क्यों?
वंशहीन मुझे कहकर यूँ
हरपल नारी का अपमान किया।
नारी जग की जननी है,
ये बात कैसे जग भूल गया।
पितृप्रधान इस दुनिया में,
क्यों?
हर पल नारी को शूल मिला।

एक वंश के खातिर मैं,
अपने अंश को कैसे
तन से जुदा करती?
ये सब मुझ से नहीं हो सकता ।
मै एक औरत हूँ,
हत्यारिन नहीं बन सकती ।
अपने ही हाथों अपनी ममता का,
मैं खून नहीं कर सकती ।
क्यों?
वारिस वारिस करते हो,
बेटा ही क्यों वारिस है?
मैंने बेटी को जन्म दिया,
क्या मेरा घर लावारिस है?

🌹
जिसे भ्रूण हत्या का दोष लगे,
ऐसी ना कोई भी कोख पले।
🌹🌹🌹🌹—लक्ष्मी सिंह

Views 6,382
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
लक्ष्मी सिंह
Posts 188
Total Views 90.3k
MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia