मेरी बात ये उम्र भर याद करना

Kapil Kumar

रचनाकार- Kapil Kumar

विधा- गज़ल/गीतिका

मेरी बात ये उम्र भर याद रखना……………..

मेरी बात ये ,उम्र भर याद रखना
रहो तुम कहीं भी घर याद रखना
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ये आयेंगे जायेंगे यादों के मौसम
मुहब्बत का मौसम मगर याद रखना
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रोओगे जो तुम वहाँ याद करके
रोयेंगे हम भी इधर याद रखना
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बसायेंगे तुमको निगाहों में लाखों
न होगी बस ये नजर याद रखना
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मुहब्बत का तुम असर याद रखना
बहुत खूबसूरत सफर याद रखना
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कपिल कुमार
20/10/2016

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