मेरी बात ये उम्र भर याद करना

Kapil Kumar

रचनाकार- Kapil Kumar

विधा- गज़ल/गीतिका

मेरी बात ये उम्र भर याद रखना……………..

मेरी बात ये ,उम्र भर याद रखना
रहो तुम कहीं भी घर याद रखना
*************************
ये आयेंगे जायेंगे यादों के मौसम
मुहब्बत का मौसम मगर याद रखना
*************************
रोओगे जो तुम वहाँ याद करके
रोयेंगे हम भी इधर याद रखना
*************************
बसायेंगे तुमको निगाहों में लाखों
न होगी बस ये नजर याद रखना
*************************
मुहब्बत का तुम असर याद रखना
बहुत खूबसूरत सफर याद रखना
*************************
कपिल कुमार
20/10/2016

Views 16
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Kapil Kumar
Posts 154
Total Views 675
From Belgium

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia