मेरा स्थानांतरण

rekha rani

रचनाकार- rekha rani

विधा- गीत

मन मे लागी है लगन फिर खिलाना है चमन।
मन तू होना न उदास मन कल तो न कभी होगा तेरा अपना ।
बिता कल तू दे भुला जैसे मीठा सपना।
मधु स्वप्न की स्मरति रखना पास सदा।
इन मधु यादों से महकाना है चमन।
मन मे….
बहते झरने की तरह मस्त लहरों की तरह
तूफां आँधी से न डर बढ़ तू आगे की तरफ मंजिल ढूंढ़ लेंगे कदम
मन मे….
फूल वो भी थे सजे फूल हैं यहां भी खिले
छूटे पीछे जो सुमन दिल से उनको दे दुआ
महके खुश होके सदा रहे आबाद चमन।
मन मे …
मीत पुस्तकें हैं तेरी छात्र मंजिल का पता।
चाक सरगम तू समझ लेखनी से गीत सजा।
आज कर रेखा मनन फिर खिलाना है चमन।
रेखा रानी

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rekha rani
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मैं रेखा रानी एक शिक्षिका हूँ। मै उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ1 मे अपने ब्लॉक में मंत्री भी हूँ। मेरे दो प्यारे फूल (बच्चे) ,एक बाग़वान् अर्थात मेरे पति जो प्रतिपल मेरे साथ रहते हैं। मेरा शौक कविताये ,भजन,लेखन ,गायन, और प्रत्येक गतिविधि मे मुख्य भूमिका निभाना। मेरी उक्ति है कौन सो काज कठिन जगमाहि जो नही होत रेखा तुम पाही। आर्थात जो ठाना वो करना है। गृ हस्थ मे कविताएं न प्रकाशित कर पाईं
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