मेरा वतन

kamni Gupta

रचनाकार- kamni Gupta

विधा- शेर

1-सरहद पर जब जब दुशमन ने वीरों को ललकारा है।
बड़ते रहे कदम वीरों के लगाया भारत मां का जयकारा है।

2-अपने तिरंगे की खातिर अपनी जान भी दे जाएंगे।
नतमस्तक न होंगे दुशमन के आगे अपने शीश कटा जाएंगे।

3-कतरा कतरा अपने लहु का न्योछावर वतन पे करता है।
हर सैनिक भारत मां का वतन के लिए जीता और मरता है।।।
कामनी गुप्ता ***

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kamni Gupta
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I am kamni gupta from jammu . writing is my hobby. Sanjha sangreh.... Sahodri sopan-2 Deepshikha Satyam prabhat Mehkte lafz.

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