*मेरा भारत महान..जय मेरा हिन्दुस्तान*

अनुजा कौशिक

रचनाकार- अनुजा कौशिक

विधा- कविता

गर्व है तुझपे हे भारत माँ
सुसंस्कृति की तू प्यारी जननी महान
हे माँ तुझपे मेरी जान कुर्बान
मेरा भारत महान, जय मेरा हिन्दुस्तान

शीश झुकाकर नमन करूं मैं, करूं तेरा सम्मान
तुझपे मेरे प्राण न्योछावर, तू मेरा स्वाभिमान
तेरी रक्षा में मर मिट जाऊं,कोई गर ललकारे तेरी आन
इसी मिट्टी में फ़िर से लूं जन्म, रखूं तेरा मान

गर्व है तुझपे हे भारत माँ
सुसंस्कृति की तू प्यारी जननी महान

विश्व विजयी तिरंगा प्यारा, रखे तेरी शान
जन गन मन मैं गाऊं हमेशा, जो तेरा गौरव गान
बन्दे मातरम गीत हमारा,अतिथि है भगवान
न्याय नीति का पालक अपना प्यारा हिन्दुस्तान

गर्व है तुझपे हे भारत माँ
सुसंस्कृति की तू प्यारी जननी महान

करोंडों वरषों पहले..जहाँ हुआ था सृष्टि निर्माण
जहाँ के ज्ञानी विज्ञानी थे..दी भारत को पहचान
शून्य,शब्द,आकाश अंक से बढ़ाया देश का मान
शिक्षा का फ़ैला उज़ियारा..छू लिया आसमान

गर्व है तुझपे हे भारत माँ
सुसंस्कृति की तू प्यारी जननी महान

श्री राम कृष्ण की जन्मभूमि ये,साक्षी वेद पुराण
सत्य,अहिंसा,करूणा के स्वर,गूंजी विश्व में तान
सज्जन को हम दूध शक्कर दें..दुर्जन को कृपाण
तेरी रक्षा की खातिर दिया वीरों ने बलिदान

गर्व है तुझपे हे भारत माँ
सुसंस्कृति की तू प्यारी जननी महान
हे माँ तुझपे मेरी जान कुर्बान
मेरा भारत महान,जय प्यारा हिन्दुस्तान

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अनुजा कौशिक
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मैं एक प्रोफ़ेश्नल सोशल वर्कर हूं..ज़िन्दगी में होने वाले अनुभवों और अपने विचारों की अभिव्यक्ति अपने लेखों और कविताओं के माध्यम से कर लेती हूं..

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