मेरा अस्तित्व

Sumita R Mundhra

रचनाकार- Sumita R Mundhra

विधा- कविता

मेरा अस्तित्व
कोई बात हो मुझमें भी ऐसी स्वयं पर मैं अभिमान करूँ ।
अपना अस्तित्व बनाने हेतू अपने जीवन का दान करूँ ।।
अपने सपनों को सच करने संघर्ष अब दिन – रात करूँ ।
गर्वित हो मुझ पर भी ये दुनिया ईश से मैं अजान करूँ ।।
-सौ.सुमिता राजकुमार मूंधड़ा
– sumita R Mundhra

Sumitamundhra@gmail.com
(7798955888)

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Sumita R Mundhra
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मैं लेखिका या कवियत्री नहीं हूँ । बचपन से ही शौक से लिखती हूँ । लंबे अंतराल के बाद हमसफ़र राज और पुत्र रिषभ के प्रेरित करने पर मेरी कलम फिर से शब्दों को पिरोने लगी है । प्रोत्साहन मिलता है तो ओर अच्छा लिखने की कोशिश करती हूँ । सामाजिक पत्रिकाओं में लेख और कवितायें प्रकाशित होते हैं। धन्यवाद - सौ. सुमिता राजकुमार मूंधड़ा । sumitamundhra@gmail.com FB group :- मेरी कलम से - Sumita R Mundhra

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