[[ मुहब्बत के फ़क़त हमने , कई महताब देखे है ]]

Komal Gupta

रचनाकार- Komal Gupta

विधा- मुक्तक

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मुहब्बत के फ़क़त हमने , कई महताब देखे है
कहे कुछ अनकहे से , मैंने भी जज़्बात देखे है

किसी ने भी नही समझा कभी हमको फ़क़त इतना
कँवल कोमल सी आँखों ने बहुत से ख़्वाब देखे है

कोमल गुप्ता "रौनक"

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Komal Gupta
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कोमल गुप्ता " रौनक़ " बेनीमाधवगंज जिला - रायबरेली कवितायेँ /मुक्तक/ग़ज़ल लेखन
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