मुस्कुराने से

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹🌹🌹🌹
मुस्कुराने से उम्र मेरी बढ़ती है ,
दुःख-दर्द और बीमारियां घटती है।
जिंदगी पल-पल ढलती है ,
रेत की तरह मुठ्ठी से फिसलती है।
फिर क्यों न मुस्कुराते रहो
जिंदगी तो एक बार ही मिलती है।
🌹🌹🌹🌹- लक्ष्मी सिंह💓😊

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लक्ष्मी सिंह
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