मुस्कुराना मेरी अदा है।

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹💕🌹
मुस्कुराना मेरी अदा है।
🌹💕🌹
मुस्कुराना मेरी अदा है,
जिस पर जमाना फिदा है।
मुस्कुराना मेरी जीवन का
अनमोल खजाना है ।
जिससे मेरा हर सफर
सुहाना है ।
फूलों की तरह
खिलखिलाती हूँ मैं ।
भवरों की तरह
गुनगुनाती हूँ मैं ।
जमाना मेरे साथ हो ना हो
जमाने के साथ चलती हूँ मैं ।
एक मुस्कान सौ दुःखों
को हरती है ।
मुस्कान से चेहरे
की रंगत बढती है ।
एक मुस्कान दोस्ती में
जान डाल देती है ।
दुश्मन को भी
अपना बना लेती है ।
कभी दूसरों के लिए जीना,
किसी का प्रेम समझना,
उस एहसास को जीना,
उस पर खुश हो रहना,
हर स्थिति में खुशगवार रहना,
वक्त की हर शाख पकड़ कर
जिन्दगी के सफर में आगे बढ़ते रहना ।
जिन्दगी एक बार ही मिलती है यारों,
तुम भी हसते, मुस्कुराते रहना ।
जिन्दगी का जश् न
यूँ ही मनाते रहना ।
🌹लक्ष्मी सिंह

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