मुस्कुराते है चंद चेहरे….

Dinesh Sharma

रचनाकार- Dinesh Sharma

विधा- कविता

दुःख के तपिश में
फिर भी मुस्कुराते है चंद चेहरे
अपने दम पर,
बादशाह से कम नहीं इनकी हस्ती,
हर पल है इनकी मस्ती
जीना इसी का नाम है
खिलखिलाती सुबह
मस्त शाम है,
दुःख के तपिश में
फिर भी मुस्कुराते है चंद चेहरे
अपने दम पर….

^^^^दिनेश शर्मा^^^^

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Dinesh Sharma
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सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।

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