मुस्कान

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- कविता

मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
किसी से प्रीत की
मिली हुई जीत की
चाहत के गीत की
मिलन पे मीत की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
माँ के लिए संतान की
किसी के उत्थान की
सुर से निकली तान की
याद आयी दास्तान की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
इठलाती हुई कलियों की
पुष्पो से सजी डलियो की
गाँव की टेढ़ी गलियो की
झूमती गाती परियो की
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
सीमा प्रहरी जवान की
अन्नदाता किसान की
श्रमिक के बलिदान की
प्रबल के अभिमान की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
घर आये मेहमान की
स्वादिष्ट पकवान की
समूह में गाये गान की
मौत से बची जान की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
अल्हड़पन में बालक की
उछलते कूदते शावक की
तीव्र वेग वाहन चालक की
जीत कर आये धावक की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
समुन्द्र में उठती लहरो की
अंगडाईयां लेती नहरो की
रौशनी में नहाते शहरो की
दिवस के आठो पहरो की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
नभ को छूते हिमालय की
गगनचुम्बी आश्रालय की
शिक्षा बाँटते ज्ञानालय की
अनाथो को समेटे आलय की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
संध्या में जले दीप की
निशा में चंद्र प्रदीप की
सागर के मध्य द्वीप की
मोती से भरे सीप की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
सड़क पे निर्वस्त्र झूमते बाल की
भूख में हाथ फैलाते हुए लाल की
सर्द हवाओ से जूझते सुबाल की
तपती धुप में जलते किसी बाल की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
माँ की ममता भरी गाली की
नाना नानी से सुनी कहानी की
पीठ बैठ बाप की घुड़सवारी की
दादा दादी संग पल बिताने की !!
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
बीमारी से उबरे रोगी की
तपकर निकले योगी की
भोग में लिप्त भोगी की
ढोंग रचते हुए ढोंगी की ।।
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
पिता के लिये संतान की
भक्त के लिए भगवान् की
दुष्टजन के लिये शैतान की
मंजिल पाए हुए इंसान की ।।
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
कवि के रचना सृजन की
मेहनत से धन अर्जन की
बारिश में बादल गर्जन की
जीवन में जीविकोपार्जन की।।
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
बेटे कि सजी सगाई की
बेटी के घर से विदाई की
दुल्हन के मुहँ दिखाई की
ससुराल में गये जमाई की ।।
!
मुस्कान,
मात्र एक नाम या शब्द नही
ये पहचान है……………. !!
दिवाली पर मिठाई की
ईद पर बनी सिंवाई की
सिख लोहड़ी जलाई की
क्रिशमस पर इसाई की ।।
!
!
!
डी. के. निवातिया________!!

Views 225
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
डी. के. निवातिया
Posts 165
Total Views 17.7k
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia