” मुस्कराया है गगन भी ” !!

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- गीत

बन्धनों में ,
हूँ बंधी सी !
खुशबूओं से ,
हूँ लदी सी !
अनुबन्ध रंगीले हुए हैं –
खिलखिलाया है चमन भी !!

ताने बाने ,
बुन रखे हैं !
प्यारे प्यारे ,
रंग सजे हैं !
साकार सी अब कल्पनाएं –
आ भी जाओ है लगन सी !!

प्रश्न बहुतेरे ,
मुखर हैं !
अपनों से ही ,
अब तो डर है !
हाथ थामा छोड़ना ना –
हो गयी मैं तो मगन सी !!

नज़रें हुई ,
बेताब सी !
फीकी हुई ,
मुस्कान भी !
वादे से तेरा यों मुकरना –
प्यार में भी है ठगन सी !!

Views 212
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Bhagwati prasad Vyas
Posts 83
Total Views 23.9k
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia