मुद्दा तीन तलाक का

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

मुद्दा तीन तलाक का,हुए वहां सब मौन !
पीडा नारी की यहाँ,समझेगा फिर कौन !!

नारी की करता नही ,इज्जत जहां समाज !
वहां सफल होती नही, पूजा और नमाज !!

मेरी अपनी क्या जरा, बदल गई पहचान !
कुछ ने आँखे फेर ली,कुछ की बंद जबान !!
रमेश शर्मा

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RAMESH SHARMA
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अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

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