मुक्ति

dr. pratibha prakash

रचनाकार- dr. pratibha prakash

विधा- कव्वाली

कर्म योग्यता और संस्कार
सबसे ऊपर मेरा प्यार
निस्वार्थ प्रीत जो मन लाये
मैं मेरा उसका मिट जाये
चाहे कोई विकट हो
मेरा भक्त मुझे सुन पाए
इसीलिए विशिष्ट कहलाये
हर स्थिति में सैम रहकर
मेरे निकट सदा रह पाए
पूर्ण समर्पित जो भी रहता
मेरे ह्रदय वो बस जाये
श्रेष्ठ मानव तन पाकर ही
मेरी इच्छा से मेरी ओर आये
मेरी शरण जो रह पाए
महान अस्तित्व वो बन जाये
साकार रूप का प्यार आशीष
उचित समय पर समय बताये
जो नियमो पर चले चलाये
जन्म -मरण से मुक्ति पाए

Sponsored
Views 19
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
dr. pratibha prakash
Posts 44
Total Views 2.2k
Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु गॉड कहा गया है की कृपा से आध्यात्मिक शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र में प्राप्त ज्ञान सत्य और स्वयं को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia