मुक्तक

Brijpal Singh

रचनाकार- Brijpal Singh

विधा- मुक्तक

हकीकत जानकार भी क्यों अंजान हैं सब,
जीत गए हैं बाज़ी फ़िर क्यों परेशान है सब,
न मिलेगा ये जहाँ यूँ दुबारा किसी को –
ये सब जानकर भी भला क्यों बेमान है सब

——– ————– बृजपाल सिंह !!

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Brijpal Singh
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मैं Brijpal Singh (Brij), मूलत: पौडी गढवाल उत्तराखंड से वास्ता रखता हूँ !! मैं नहीं जानता क्या कलम और क्या लेखन! अपितु लिखने का शौक है . शेर, कवितायें, व्यंग, ग़ज़ल,लेख,कहानी, एवं सामाजिक मुद्दों पर भी लिखता रहता हूँ तज़ुर्बा हो रहा है कोशिश भी जारी है !!

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