**** मुक्तक ****

Sureshpal Jasala

रचनाकार- Sureshpal Jasala

विधा- मुक्तक

**** मुक्तक ****

माँ की कृपा की छाया बस , सबके ऊपर बनी रहे ;
मधुर प्यार-स्नेह की वर्षा ,सदा सभी पर बनी रहे ;
जो भी कष्ट हो जीवन में,सभी का माँ विनाश करो ;
आनंद,खुशहाली की लौ , सबके घर-पर जगी रहे।,,,,, [१]

शक्ति पुंज बन कर हम भी ,शक्ति का अनुष्ठान करें ;
आदि-शक्ति के चरणों में , शीश झुका सम्मान करे ;
ले उस शक्ति माँ से शक्ति ,करते रहें जग हित सदा ;
उसकी कृपा दृष्टि से तो , हर कोई उत्थान करें । ,,,,,[२]

*****सुरेशपाल वर्मा जसाला

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Sureshpal Jasala
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I am a teacher, poet n writer, published 8 books , started a new Hindi poem method called " Varn piramid or jasala piramid." I have membership n hold posts in many societies. Also Awarded by many societies.

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