मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

हार कर भी तेरी कहानी की तरह हूँ!
हार कर भी तेरी निशानी की तरह हूँ!
ठोकरें खाता रहा हूँ उम्र भर लेकिन,
जोशे-जिदंगी में जवानी की तरह हूँ!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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MITHILESH RAI
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