मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

तेरी चाहत दिल में हरदम रहेगी!
करवटें तन्हाई की हरदम सहेगी!
बेशुमार गम हैं तेरी बेरुखी के,
तेरी याद अश्कों से हरदम बहेगी!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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MITHILESH RAI
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