मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

तेरी आँखों में झील सी गहरायी है!
तेरी अदाओं में कैद अंगड़ायी है!
जबसे देख लिया है तेरे रुखसार को,
तेरी जिगर में तस्वीर उतर आयी है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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MITHILESH RAI
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