मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

तेरे बिना मेरी जिन्दगी कटेगी कैसे?
तेरे बिना मेरी तिश्नगी मिटेगी कैसे?
तेरी बेपनाह चाहत है आज भी दिल में,
तेरी आरजू इरादों से हटेगी कैसे?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Sponsored
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
MITHILESH RAI
Posts 268
Total Views 376

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia