मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

तेरी याद से खुद को आजाद करूँ कैसे?
तेरी चाहत में खुद को बरबाद करूँ कैसे?
लब्ज भी खामोश हैं बेबसी की राहों में,
तेरी मैं तकदीर से फरियाद करूँ कैसे?

#महादेव_की_कविताऐं'

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MITHILESH RAI
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