मुक्तक

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- मुक्तक

क़तआ
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मेरे जीवन पर तेरा अधिकार है
तेरे क़दमों में मेरा संसार है

देखी है जब से तेरी सूरत सनम
दिल पे मेरे न रहा इख़्तियार है

(2)
क़तआ
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प्यार जब से जुदा हो गया
दर्द का सिल सिला हो गया

बेवफ़ा को दिया था ये दिल
काम ऐसा बुरा हो गया

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Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

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