मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

राहे-जिन्द़गी में भटकना बहुत जरूरी है!
दर्द के तूफान को समझना बहुत जरूरी है!
तुम टूटती वफाओं को मत रोको बिखरने से,
बेबसी में सब्र को परखना बहुत जरूरी है!

मुक्तककार-#महादेव'(27)

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