मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

कभी जिन्दगी खुशी का पैगाम देती है!
कभी जिन्दगी ख्वाबों का सलाम देती है!
रस्म की जंजीरें हैं राहों में हरतरफ,
ख्वाहिशों को जख्मों का ईनाम देती है!

मुक्तककार- #महादेव' (24)

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MITHILESH RAI
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