मुक्तक

MITHILESH RAI

रचनाकार- MITHILESH RAI

विधा- मुक्तक

हौसला मैं चाहत का बुलन्द रखता हूँ!
दर्द को पलकों में नजरबंद रखता हूँ!
कहीं ख्वाब खो न जाऐं हसीन लम्हों के,
हर याद को मैं जिगर में बंद रखता हूँ!

#महादेव_की_कविताऐं'

इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
MITHILESH RAI
Posts 219
Total Views 260

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia