मुक्तक स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava

रचनाकार- Dr. umesh chandra srivastava

विधा- मुक्तक

. …. मुक्तक ….

घन श्याम सघन घिर आये
तन मन उमंग भर जाये
उत्तुंग शिखर तक चपला
नभ छूने को ललचाये

स्व- भावानुवादित

Dense dark clouds are claded .
Body and mind warmy animated .
The electric wants to rising high .
Dangled to touching the sky .

डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ

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Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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